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Thursday, 5 July 2018

UPPCS में SDM के 119 पद, 6 July को 831 पदों के लिए Notification

UPPCS 2018 के लिए तैयारी कर रहे प्रतियोगियों के लिए गुड न्यूज है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग 6 जुलाई 2018 को नोटिफिकेशन जारी करने जा रहा है। पीसीएस 2018 की सबसे खास बात ये है कि इस बार सब डिविजनल मजिस्ट्रेट यानी SDM के 119 पद समेत कुल 831 पद हैं। हालाकी आयोग के सूत्रों के अनुसार वेंकसी में इजाफा होना तय हैं। इसलिए मोटा-मोटा ये कहा जा सकता है कि परीक्षा 1000 पदों के आस-पास होगी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग प्राविंसियल सिविल सर्विसेज यानी PCS के लिए बुधवार को नोटिफिकेशन जारी करेगा। इस परीक्षा की सबसे बड़ी बात ये है कि इसमें SDM के कुल 119 पद हैं। एसडीएम के इतने पद पिछले कई सालों में नहीं आए हैं।

पहली बार उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग पीसीएस की परीक्षा IAS के पैर्टन पर कराने जा रहा है। यानी कि इस बार प्रारंभिक परीक्षा में तो कुछ बदलाव नहीं होगा लेकिन मुख्य परीक्षा पूरी तरह से IAS के तर्ज पर होगी। जिसमें चार सामान्य अध्ययन, एक विषय, हिन्दी और निबंध का पेपर होगा। पिछली परीक्षाओं में हुई धांधलियों को ध्यान में रखते हुए आयोग ने फैसला लिया है कि अब इंटरव्यू 200 की जगह सिर्फ 100 नंबर का होगा। यानी कि अगर आपको अच्छी पोस्ट चाहिए तो आपको मुख्य परीक्षा में काफी मेहनत करनी होगी।
बता दें अभी तक पीसीएस परीक्षा में लिखित परीक्षा 1500 नंबर और इंटरव्यू 200 नंबर का होता था। बदलाव के बाद लिखित परीक्षा तो 1500 अंकों की ही रहेगी लेकिन, साक्षात्कार में 100 नंबर घटा दिए जाने से चयन प्रक्रिया कुल 1600 नंबरों की हो जाएगी।
UPSC की तरह ही इस बार प्रारंभिक परीक्षा में सहायक वन संरक्षक का पेपर भी होगा। यानी प्रश्न पत्र एक ही आएगा जबकि मुख्य परीक्षा अलग-अलग होगी।

क्या 19 अगस्त 2018 को होगी UPPCS की परीक्षा?

UPPSC ने दूसरी छमाही के कैलेंडर में PCS 2018 की प्रारंभिक कराने की तारीख 19 अगस्त घोषित की है। पहले परीक्षा की तारीख 24 जून थी। अब आवेदन अगस्त महीने के पहले हफ्ते तक चलेगा। ऐसे में परीक्षा की तारीख पर संशय बना है। हालांकि आोग के सचिव का कहना है कि इम्तिहान तय तारीख पर होंगे। तैयारी उसी हिसाब से की जा रही है। इसलिए अगर आपको लग रहा है कि परीक्षा टल सकती है तो इसकी गुंजाइश बहुत ही कम है। 

Saturday, 7 April 2018

How to Prepare for PCS EXAM 2018? पीसीएस 2018 की तैयारी कैसे करें?

पीसीएस अफसर कैसे बनते हैं? PCS Prelims Tips and Strategy, Prepare for PCS Exams 2018

दोस्तों इस लेख को पढ़ने से पहले आप इसका पहला पार्ट जरूर पढ़ लें। क्योंकि उसके बिना ये लेख अधूरा है। आप चाहें तो पहले इस लेख को पढ़ लें फिर उसे पढ़ें। लेकिन अगर उस लेख को पहले पढ़ेंगे तो ज्यादा फायदा होगा। पहला पार्ट पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें।

How To Become PCS Officer In UP? यूपी में पीसीएस अफसर कैसे बने?

दोस्तों PCS बनने की इच्छा रखने वाले हर प्रारम्भिक प्रतियोगी के समक्ष कुछ समस्यायें आती हैं। मसलन-
  • कैसे करें PCS की तैयारी? 
  • PCS EXAM के लिए क्या क्या पढ़ें, कौन सी किताबें पढ़ें?
  • पीसीएस बनने के लिए कितना पढ़ें?
  • PCS के लिए कोचिंग ज्वाइन करें या ना करें?
  • कोचिंग के नोट्स से पढ़ें या किताबों से पढ़ें?
  • PCS EXAM के लिए नोट्स कैसे बनायें?
  • सटीक उत्तर लेखन का अभ्यास कैसे करें?
  • कितना समय पर्याप्त है तैयारी के लिए?
  • PCS परीक्षा में सफलता की कितनी सम्भावना?

आइए आपको बताते हैं कि कैसे आप पीसीएस परीक्षा की तैयारी शुरू करें। लेकिन उससे पहले ये बताना जरूरी है कि पीसीएस परीक्षा में कौन लोग बैठ सकते हैं।

PCS Exam Eligibility, PCS Exam Age Limit 

पीसीएस परीक्षा में कौन बैठ सकता है?

पीसीएस परीक्षा में हर वो छात्र बैठ सकता है जो ग्रेजुएशन कंपलीट कर चुका है। और उसकी उम्र 21 से 40 साल के बीच है। रिजर्व कैटेगरी में उम्र की सीमा अधिक है। उसके लिए आप UPPCS का नोटिफिकेशन 2018 को जरूर पढें।

कैसे करें पीसीएस की तैयारी? 

प्रथम चरण- 

सर्वप्रथम आप मानसिक रूप से दृढ़ हों स्वयम् पर यकीन करें कि आप यह कर सकते हैं। आत्मविश्वास होना अत्यंत आवश्यक है।

दूसरा चरण-

पीसीएस का सिलेबस/पाठ्यक्रम का गहन अध्ययन करें। पाठ्यक्रम के अध्ययन से आपको सरसरीतौर पर एक दिशा प्राप्त हो जाएगी। अगर आपको सम्पूर्ण पाठ्यक्रम समझ में आ गया और आपने अगर इसे आत्मसात कर लिया है तो आपकी तैयारी का ये चरण पूरा हुआ। पाठ्यक्रम में किसी प्रकार की दुविधा होने की स्थिति में अपने सीनियर्स या फिर किसी सलेक्टड ऑफिसर से मदद ले सकते हैं।

तृतीय चरण- 

समय सारणी बनायें। समय सारणी बनाते समय दो बातों का ध्यान रखें पहला यह कि सम्पूर्ण सिलेबस आपको छह माह में पूरा करना है ताकि आपको रिवीज़न का पर्याप्त समय प्राप्त हो सके। दूसरा यह कि आप प्रतिदिन कितना समय दे सकते हैं तथा आप अपने आत्मसात करने की सीमा का भी ध्यान रखें। समय सारणी के अनुसार नियमित रूप से अध्ययन करें। नियमित रूप से अनुशासन बद्ध होकर अध्ययन करे बिना आप सफलता का स्वाद नही चख़ सकते।

PCS बनने के लिए क्या पढ़ें?

चतुर्थ चरण- 

अध्ययन सामग्री का सावधानी पूर्ण चयन अत्यंत आवश्यक है। यदि आप द्वारा चयनित अध्ययन सामग्री त्रुटिपूर्ण या स्तरहीन है तो आप का समय करियर एवं सम्पूर्ण भविष्य दांव पर है। स्तरीय पाठ्यसामग्री के चयन हेतु चयनित व्यक्तियों, गुरूजनों, विभिन्न मासिक पत्रिकाओं में प्रकाशित टापर्स के साक्षात्कार आदि का अध्ययन करें। परंतु किताबों का चयन करते समय अपनी बुद्धि का भी प्रयोग करें। ऐसा न हो कि किताबें आपको समझ में ही न आयें।

PCS बनने के लिए कितना पढ़ें?

प्रतिदिन एक स्तरीय दैनिक समाचार पत्र के सम्पादकीय, राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और खेल समाचारों का अध्ययन करें। लोकल समाचारों पर अधिक समय न व्यतीत करें। इंटरनेट के समाचारों को अध्ययन का आधार न बनायें। सुबह एवं रात्रि के समय आकाशवाणी के सामाचार भी सुनें इसका लाभ यह होगा कि आप को समाचार स्मरण हो जाएंगे।

प्रतिदिन जब समय सारणी के अनुसार कोई टापिक समाप्त हो जाए तो उसका रिवीज़न अवश्य करें। साथ ही उस टापिक से आए प्रश्नों को हल करें साथ ही आप स्वयंम उस टापिक से संभावित प्रश्नों की एक सूची बनायें।

सेलेक्शन के लिए कोचिंग ज्वाइन करें या ना करें?

यह निर्णय लेने के पूर्व कोचिंग संबधी लाभ एवं हानियों की तुलना कर लें।

कोचिंग ज्वाइन करने के फायदे-

समय की पाबंदी- 
यह कोचिंग का सर्वप्रमुख लाभ है। आप नियमित रूप से अध्ययन कर पायेंगे। एकांत में अध्ययन हो सकता है आप नियमित न कर पायें क्योंकि घर पर बैठने से आपके परिवार वाले, सगे संबधी, मित्रगण, पड़ोसी आदि लोग आपको फालतू या खाली समझने लगते हैं। या आप स्वयम् भी कहीं और व्यस्त हो सकते हैं। कोचिंग लेने से आप इन समस्याओं से कुछ हद तक छुटकारा पा सकते हैं।
प्रतियोगी भावना- 
कोचिंग का यह लाभ है कि आप अपने साथ पढ़ने वालों से बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं अतः आप अधिक मेहनत करते हैं।
मार्गदर्शन- 
कोचिंग के अध्यापकों को कई वर्षों का अनुभव होने के कारण वो आपको उचित मार्गदर्शन दे सकते हैं।
अपडेट्स- 
आप अपने कोचिंग के साथियों द्वारा तथा कोचिंग द्वारा करेंट ट्रेंडस् से परिचित रहते हैं।

कोचिंग ज्वाइन करने के नुकसान- 

कोचिंग की महंगी फीस- 

दिल्ली जैसे शहरों में कोचिंग की फीस 50 हजार से लेकर 2 लाख तक है। इसके अतिरिक्त रह महीने करीब 15 से 20 हजार का खर्च अलग।
अनुभव एक बाधा भी है- 

कोचिंग में सालों से पढ़ा रहे अनुभवी अध्यापक कई बार नये ट्रेंड को नहीं समझ पाते। जैसे- सी-सैट लागू होने के बाद कई कोचिंग संस्थानों का सलेक्शन ग्राफ अचानक से गिर गया। क्योंकि वो नया ट्रेंड नहीं समझ पाए।
व्यक्तिगत मार्गदर्शन नहीं- 
कोचिंग वाले अधिक कमाई करने के चक्कर में एक ही बैच में अधिक एडमिशन लेते हैं या बैच की संख्या बढ़ा देते हैं या कम पारिश्रमिक पर कम अनुभवी अध्यापक की नियुक्ति करते हैं अतः कई बार आपको गलत मार्गदर्शन मिलता है।

यह ध्यान रखें की कोचिंग अधिकतर असफल छात्र ही चलाते/पढ़ाते हैं और अंततः कोचिंग वाले भी व्यवसायीं है जिनको आपके भविष्य से अधिक अपने लाभ की चिंता होगी ही।

PCS बनने के लिए कोचिंग के नोट्स से पढ़ें या प्रमाणिक किताबों से पढ़ें?

जहाँ तक संभव हो मानक किताबों का ही अध्ययन करें। कोचिंग के नोट्स से केवल उन ही टापिक्स का अध्ययन करें जिस टापिक पर किताबें उपल्बध न हों या टापिक आप की समझ में न आया हो। दिल्ली, इलाहाबाद, पटना आदि शहरों से कोचिंग के नोट्स या उनकी फोटोकापी मंगाते समय यह विशेष ध्यान दें कि उन नोट्स में आंकड़े साल भर पुराने होंगे। इसलिए उसे अपडेट करना पड़ेगा।

PCS अफसर बनने के लिए नोट्स कैसे बनाये?

कई सफल छात्र कभी नोट्स बनाते ही नहीं पर इसका अर्थ यह नही कि आप भी ऐसा ही करें। नोट्स बनाते के निम्न लाभ हैं-

1-रिवीजन में समय कम लगता है।
2-आत्मविश्वास आता है कि कम से कम इतने टॉपिक्स आप पूरे कर चुके हैं। पर अपने नोट्स का रिवीज़न भी करते रहें नहीं तो यह आत्मविश्वास कब ओवरकान्फिडेंस में बदल जायेगा आपको पता ही नहीं चलेगा।
3-लिखने की प्रैक्टिस हो जाती है

PCS के लिए नोट्स बनाते के लिये निम्न बातों का ध्यान रखें:-

1-सादा बिना लाइन वाले पेज प्रयोग करें। बाजार में आयोग के आन्सरशीट के माप एवं डिजाइन की कापियॉ भी उपल्बध हैं। आप चाहें तो उनका प्रयोग कर सकते हैं।
2-काले या नीले पेन का प्रयोग करें। पेन की लिखावट अधिक मोटी या अधिक महीन न हो।
3-नोट्स आप अपने लिये बनाना है अतः नोट्स बनाते समय उन तथ्यों को ही लिखें जो आपके लिये नये हों या जो आप भूल सकते हों। वाहवाही पाने के लिये सोशल मीडिया में अपने नोट्स शेयर करने से बचें। सीनियर्स या मित्रों की राय जानने का प्रयास अवश्य करें।
4-नोट्स मानक किताबों से ही बनायें। किसी शंका की स्थिति में संबंधित सरकारी विभाग की वेब साइट या इंटरनेट की सहायता लें।
5-परिवर्तनशील विषयों के नोट्स बनाते समय पर्याप्त स्थान छोड़ दें ताकि आप नये आंकड़े वहॉ लिख सकें।

PCS बनने के लिए सटीक उत्तर लेखन का अभ्यास कैसे करें?

मुख्य परीक्षा में अधिक अंक पाने में सटीक उत्तर लेखन की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है

सटीक उत्तर लेखन आपके विचारों तथा आप की विषयों पर पकड़ तथा समझ को व्यक्त करता है। यही वह माध्यम है जिससे आपको परीक्षक को प्रभावित करना है। उस पर अपनी प्रतिभा की धाक जमानी है जिससे कि वह आपको अधिक अंक प्रदान करें। लिखने की प्रैक्टिकस करते समय इन बातों पर ध्यान दें।

1-आप का लेखन धर्म, जाति, वर्ण, दल एवं सामाजिक कुरीतियों से स्वतंत्र होना चाहिये। यहां इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आप जिस धर्म, जाति, वर्ण, दल के हैं उस के कुछ प्रभाव आप पर अवश्य होंगे अतः निरपेक्ष सोच विचारों का प्रयत्न करें। वरना इसकी छाप आप के उत्तर लेखन में अवश्य प्रकट होगी।
2-शब्दों एवं विचारों के दोहराव से बचें।
3-कम से कम शब्दों में लिखने का प्रयास करें। मित्रों से वार्तालाप करते समय भी अपशब्दों का प्रयोग न करें तथा कम से कम शब्दों में अपनी बात करने का प्रयास करें। किसी लेख साहित्य को पढ़ते समय या किसी की बात सुनते समय यह सोचें कि क्या यह बात कम शब्दों में, अधिक सरल तरीके से, अधिक प्रभावशाली तरीके से कही जा सकती है? यह एक आवश्यक अभ्यास है जिससे न केवल आप सटीक उत्तर लेखन में सक्षम होंगे अपितु आप को निबंध के विषय की भी अतिरिक्त तैयारी नहीं करना पड़ेगी।
4-विशेषज्ञ बनने का प्रयास न करें। अर्थात अत्याधिक क्लिष्ठ भाषा या अति साहित्यिक लेख न लिखें ।

PCS की तैयारी के लिए कितना समय पर्याप्त है?

6 महीने से लेकर 1 साल की गहन तैयारी पर्याप्त है।

PCS परीक्षा में सफलता की कितनी सम्भावना है?

80 फीसदी मेहनत+20 फीसदी भाग्य = पीसीएस में सेलेक्शन

How To Become PCS Officer In UP? यूपी में पीसीएस अफसर कैसे बने?

What is difference between IAS and PCS?

IAS और PCS ये दो ऐसे नाम है जो तकरीबन हर प्रतियोगी छात्रों की जुबां पर होते हैं। हिन्दुस्तान में अगर नौकरी की बात करें तो ये दो सर्विसेज ही ऐसी हैं जो सीधे सरकार में शामिल होती हैं। यानी इनके बिना केंद्र और राज्य सरकार का चल पाना असंभव है। कहने का आयश ये है कि IAS PCS एक ऐसी नौकरी है जो सरकार को चलाती है। लेकिन बहुत से लोग ये नहीं जानते हैं कि दोनों परीक्षा में क्या अंतर है? और IAS और PCS काम क्या करते हैं? आज हम आपको PCS परीक्षा के बारे में विस्तार से बताएंगे। इस लेख को हम कई भागों में आपके सामने पेश कर रहे हैं। सारे लेख पढ़ने के बाद आपको निम्न सवालों के जवाब मिल जाएंगे?

  • Pay scale and special allowances given to PCS and IAS officer?
  • Can I become PCS officer after passing B.A exam?
  • How can I become an IAS Officer?
  • What is the eligibility criteria for PCS exam? Minimum qualifications required? 
  • I want to appear for PCS entrance exam 
  • How to become a PCS Officer being a Graduate in Maths with an age of 27 years?
  • Required Qualification with regard to percentage of marks to be eligible for PCS Exams?
  • How to prepare for PCS after doing B.Tech? What is the syllabus for PCS?
  • How should I prepare for PCS exam?
  • what is pcs officer
  • pcs officer salary
  • pcs officer post
  • pcs officer syllabus
  • what is pcs exam
  • pcs exam eligibility
  • pcs officer full form

What is PCS Officer? What is PCS full form? (पीसीएस अफसर कौन होता है?)

PCS का फुलफॉर्म है Provincial Civil Service. पीसीएस अफसर स्टेट सर्विसेज के तहत काम करते हैं। हर प्रदेश में दो तरह की सर्विसेज होती हैं। पहली सेंट्रल सर्विसेज। दूसरी स्टेट सर्विसेज। सेंट्रल सर्विसेज वो सर्विस होती है जिसमें नियुक्ति केंद्र सरकार करती है। जबकि स्टेट सर्विसेज में नियुक्ति राज्य सरकार करती है। जिस तरह से IAS, IPS, IRS, etc की परीक्षा UPSC यानी यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन लेता है। ठीक उसी तरह से PCS, PPS, ARTO etc जैसे पदों के लिए स्टेट कमीशन परीक्षा आयोजित करता है। हर प्रदेश का अपना कमीशन होता है। जैसे यूपी में UPPCS, बिहार में BPSC, मध्य प्रदेश में MPPCS.

पीसीएस अफसर क्या काम करते हैं?

आम भाषा में कहें तो PCS अफसर IAS अफसर के सबार्डिनेट होते हैं। पीसीएस अफसर प्रमोट होकर IAS रैंक तक जा सकते हैं। इसलिए जो लोग आईएएस की परीक्षा नहीं पास कर पाते उनकी दिल्ली इच्छा होती है कि वो पीसीएस अफसर बन जाए ताकि प्रमोट होकर आईएएस अफसर बन सके। 

PCS officer salary कितनी होती है?

7th Pay Commission के लागू होने के बाद यूपी के PCS officer Salary कुछ इस प्रकार है।

  • ₹56100–132000 (Pay Level 10) - At Entry
  • ₹67700–160000 (Pay Level 11) - After 5 years of satisfactory service
  • ₹78800–191500 (Pay Level 12) - After 12 years of service
  • ₹118500–214100 (Pay Level 13) - After 16 years of service and based on seniority
  • ₹131100–216600 (Pay Level 13A) - Minimum 5 years of service completed in previous Pay Level and based on seniority
  • ₹144200–218200 (Pay Level 14) - Minimum 1 year of service completed in previous Pay level and based on seniority
  • ₹182200–224100 (Pay Level 15) - Minimum 5 years of service completed in previous Pay Level and based on seniority

पीसीएस अफसर कैसे बनते हैं? जानने के लिए यहां Click करें।



Sunday, 21 January 2018

IAS बनना है तो GS, GK और Current Affairs का फर्क समझिए?

दोस्तों IAS EXAM के लिए हमने एक नई सीरिज शुरू की है। इस सीरिज में हम आपको IAS की तैयारी के लिए ऐसे-ऐसे Tips देंगे जो आपको और कही नहीं मिलेगा। क्योंकि इसमें बेसिक्स के साथ-साथ Advance लेवल तक की तैयारी की रणनीति बताई जाएगी। अगर आप चाहते हैं कि आपको ऐसी टिप्स लगातार मिलती रहे तो आपको दो काम करना होगा। पहला आप अपनी स्क्रीन के राइट साइट पर नीचे दिख रहे बेल आइकन को टच करके इसे अलॉउ कर दें और दूसरा नीचे हमारे फेसबुक पेज का लिंक दिया गया है उसे लाइक कर दें। इससे फायदा ये होगा कि जब भी नए लेख आएंगे आपको फौरन सूचना मिल जाएगी।
आज हम आपको बता रहें हैं कि IAS की प्रारंभिक परीक्षा के लिए आप कैसे शुरूआत करें? जिसके लिए जरूरी है की आपकी कुछ भ्रांतियों को दूर किया जाए। तो सबसे पहले पहली भ्राांति  को दूर कर लीजिए।
प्रारंभिक परीक्षा- कम समय में कैसे बनाएं रणनीति?
IAS की प्रारंभिक परीक्षा में दो प्रश्न पत्र होते हैं। पहला सामान्य अध्ययन का और दूसरा CSAT का। जहां तक सामान्य अध्ययन के प्रथम प्रश्न पत्र का सवाल है इसमें तीन टाइप के प्रश्न पूछे जाते हैं।
1-सामान्य अध्ययन यानी Gernal Studies (G.S)
2-सामान्य ज्ञान यानी Gernal Knowledge (G.K)
3-समसामयिक (Current Affairs)
नए छात्रों के सामने सबसे बड़ी कठिनाई ये होती है कि उन्हें पता ही नहीं होता है कि GS और GK में फर्क क्या होता है? दोनों में आपको अंतर समझाएं इससे पहले ये जान लीजिए की IAS की परीक्षा में G.K से ना के बराबर सवाल आते हैं। जबकि PCS, SSC, BANK, RAILWAY जैसी परीक्षाओं में G.K से जुड़े सवाल खूब आते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि दोनों में भला अंतर क्या है? जब तक आप ये अंतर नहीं समझेंगे IAS की तैयारी नहीं कर पाएंगे। इसलिए जरूरी है कि पहले आप इसमें फर्क करना सीखें।
G.S का सीधा सा मतलब है General Studies यानी हर उस विषय का सामन्य अध्ययन जिसकी जरूरत समाज में एक अधिकारी या कर्मचारी के तौर पर आपको पड़ सकती है। जहां तक General Studies में आनेवाले विषयों का सवाल है इसमें।
  • भारत का इतिहास और फ्रीडम स्ट्रगल मूवमेंट
  • भारतीय संविधान और राज्यव्यवस्था
  • भारत और विश्व का भूगोल
  • पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता
  • अर्थव्यवस्था और सांख्यिकी
  • सामान्य विज्ञान और प्रद्योगिकी
  • सामाजिक विकास और प्रशासन 
जैसे टॉपिक आते है। जबकि General Knowledge यानी G.K में सामान्य ज्ञान से जुड़े। अब सवाल ये है कि सामन्य ज्ञान क्या होता है? सामान्य ज्ञान का मतलब ऐसे टॉपिक्स से है जिससे जुड़े सवालों के जवाब एक सामान्य या कह लें आम आदमी को भी आना चाहिए। कहने का आशय ये है कि सामान्य ज्ञान एक सामान्य आदमी से जुड़ा ज्ञान हैं। जैसे,
  • सड़क पर गाड़ी चलाने के नियम क्या हैं?
  • भारत का राष्ट्रीय खेल क्या है?
  • राष्ट्रीय पक्षी मोर है तो क्यों है?
  • तिरंगा में कितने रंग होते हैं और कौन-सा रंग किसका प्रतीक है?
  • भारत का संविधान कब बना?
  • भारत की राजधानी क्या है?
  • भारत में कुल कितने प्रदेश हैं? कितने केंद्र शासित प्रदेश हैं?
यानी ऐसे प्रश्न जिसके बारे में आपको बचपन में ही पढ़ाया गया होगा। जहां तक करेंट अफेयर्स का सवाल है इसमें रोज-रोज की घटनाओं से जुड़े ऐसे टॉपिक होते हैं जिसका असर सामाज, देश-दुनिया और देश की सियासत और प्रशासन पर पड़ता है।
IAS की तैयारी की अगली कड़ी जल्द....
उम्मीद है कि आपको हमारा ये लेख पसंद आया होगा। अगर सच में पसंद आया तो फेसबुक पर शेयर करें। नहीं आया तो दूसरा लेख पढ़ें।  

Wednesday, 10 January 2018

IAS के पैटर्न पर होगी PCS की परीक्षा, बदलाव से फायदा है या नुकसान-विश्लेषण

IAS के पैटर्न पर होगी UPPCS 2018 की परीक्षा। परीक्षा के पैटर्न में तीन बड़े  बदलाव किए जा सकते हैं। प्रारंभिक परीक्षा में कोई बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं, लेकिन निगेटव मार्किंग लागू होगी। मुख्य परीक्षा में आमूलचूल परिवर्तन होने की खबर है। मुख्य परीक्षा करीब-करीब IAS एक्जाम के पैटर्न पर ही होगी। यानी अब आपको IAS और PCS की परीक्षा के लिए अलग-अलग तैयारी करने की जरूरी नहीं पड़ेगी। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग ने पहले ही UPPCS 2018 प्रारंभिक परीक्षा की तारीख 24 जून 2018 घोषित कर रखी है।

UP PCS परीक्षा में क्या-क्या हो सकते हैं अहम बदलाव?

(A) प्रारंभिक परीक्षा में बदलाव:-

(i) प्रारंभिक परीक्षा में सबसे बड़ा बदलाव ये होगा कि अब IAS की तरह पीसीएस में भी निगेटिव मार्किंग होगी। यानी एक सवाल गलत करने पर आपके 0.33 (1/3) नंबर काट लिए जाएंगे। इससे साफ है कि प्रारंभिक परीक्षा की मेरिट अब कम जाएगी। तुक्केबाज़ों के दिन अब लद जाएंगे। सिर्फ वही छात्र प्रारंभिक परीक्षा पास कर पाएगा जो सीरियस होकर पढ़ाई करेंगे। 
निगेटिव मार्किंग का एक फ़ायदा ये भी होगा कि नकलबाजों पर खुद ही लागाम लग जाएगी क्योंकि नकल के दौरान अभी तो लोग ये सोचकर दूसरे की बात मान लेते थे कि चलो सवाल गलत तो हो रही रहा है अगर नकल से एक दो सवाल ठीक हो गए तो सफल होने के चांसेज बढ़ जाएंगे। लेकिन अब अगर नकल करेंगे तो नुकसान हो सकता है। क्योंकि नकल करानेवाला छात्र जानबूझकर आपके सवाल गलत करवा सकता क्योंकि निगेटिव मार्किंग से आपके नंबर कम हो जाएंगे। 

(ii) निगेटिव मार्किंग के अलावा प्रारंभिक परीक्षा में कुछ भी बदलाव नहीं होंगे क्योंकि प्रारंभिक परीक्षा पहले से ही IAS की तर्ज पर हो रही है। प्रारंभिक परीक्षा में मेरिट का मुख्य आधार प्रथम प्रश्न पत्र यानी सामान्य अध्ययन ही होगा। CSAT  का दूसरा पेपर अभी भी क्वालीफाइंग ही रहेगा। यानी आपको सिर्फ इस पेपर में पासिंग नंबर ही प्राप्त करने होंगे। लेकिन यहां भी निगेटिंव मार्किंग होगी इसलिए बिना पढ़े जाएंगे तो मेरिट से बाहर होने के चांंसेज पहले 50 गुना बढ़ जाएंगे। तो होशियार रहें। और CSAT पर भी ध्यान देते रहें।

(B) मुख्य परीक्षा में बदलाव:-

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग PCS 2018 की मुख्य परीक्षा में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। सही मायने में अब मुख्य परीक्षा IAS के पैटर्न पर ही होगी। आइए आपको बिन्दुवार समझाते हैं कि मुख्य परीक्षा में क्या-क्या बदलाव होंगे? और ये बदलाव आपके लिए फायदेमंद है या नुकसानदेह।

(i)- मुख्य परीक्षा में 2 की जगह 1 विषय होंगे:-
अभी तक PCS की मुख्य परीक्षा में दो वैकल्पिक विषय होते थे। इसको लेकर प्रतियोगी छात्रों की शिकायत ये थी कि स्केलिंग में इससे कुछ छात्रों को फ़ायदा होता है तो कुछ को नुकसान। कुछ विषय में अच्छे नंबर मिलते हैं तो कुछ में औसत। इसी वजह से विज्ञान और बीटेक के छात्र भी अपने विषय बदल लेते थे और अच्छे नंबर पाकर सलेक्शन पा जाते थे। लेकिन अब जब मुख्य विषय में एक ही विषय होगा तो स्केलिंग का बहुत ज्यादा फायदा या नुकसान किसी छात्र को नहीं होगा। हालाकि एक विषय में भी स्केलिंग पद्धति लागू रहेगी।

(ii)-सामान्य अध्ययन के 2 पेपर की जगह होंगे 4 पेपर:-
IAS की तरह ही PCS में भी अब सामान्य अध्ययन के चार पेपर होंगे। आयोग इसका सलेबस PCS Notification 2018 के साथ ही जारी करेगा। लेकिन माना जा रहा है कि सैलेबस भी IAS के पैटर्न पर ही होगा।  

(iii)- सामान्य अध्ययन के चारों पेपर होंगे डिस्क्रेप्टिव (सब्जेक्टिव):-
यानी अब आपको सवालों के उत्तर लिखने होंगे। जबकि अभी तक मुख्य  परीक्षा में भी सामन्य अध्ययन के दो पेपर ऑब्जेक्टिव होते थे। जिसमें आपको प्रारंभिक परीक्षा की तरह चार में एक सही उत्तर चुनना होता था।

सब्जेक्टिव होने का फ़ायदा सीरियस छात्रों को मिलेगा और नकल करके मेरिट में आऩेवाले छात्रों को नुकसान होगा। हालाकि इसके लिए आयोग को भी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। उसे अच्छे विशेषज्ञों को चुनना होगा जो ना सिर्फ स्तरीय पेपर बनाए बल्कि तेजी से कॉपी भी चेक करें। क्योंकि आयोग पहले भी मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन का पेपर सब्जेक्टिव लेता रहा है लेकिन कॉपी चेक करने में लेटलटीफी के चलते ही उसे मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन का पेपर ऑब्जेक्टिव करना पड़ा था, ताकि कॉपी OMR शीट की वजह से जल्दी चेक हो जाए और लेट सेशन सही हो जाए।

(iv) इंटरव्यू 200 की जगह सिर्फ 100 नंबर का ही होगा:-

उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग पर ये आरोप लगता रहा है कि पीसीएस इंटरव्यू में पैसे चलते हैं। अखिलेश सरकार में ये आरोप एक जाति विशेष को लेकर लगने लगे थे कि इंटरव्यू में उन्हें जानबूझकर ज्यादा नंबर दिए गए ताकि अगर मुख्य परीक्षा में कम नंबर भी हो तो इंटरव्यू के नंबर के आधार पर सेलेक्शन हो जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने इंटरव्यू को 200 की जगह अब 100 नंबरों का करने का फैसला किया है। इसका फायदा सीधे तौर उन छात्रों को मिलेगा जो टैलेंटेड हैं और मुख्य परीक्षा में अच्छे नंबर पाने के बावजूद इंटरव्यू में बेईमानी के शिकार हो जाते थे। 

(v) निबंध और सामान्य हिन्दी के प्रश्न-पत्र में कोई बदलाव नहीं:-
निबंध और सामान्य अध्ययन के पेपर में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। वो पहले की तरह ही होंगे और मेरिट में इसके नंबर जुड़ेंगे।

तो अब आप समझ गए होंगे कि नया पैटर्न आपके लिए फायदेमंद या नुकसानदेह। निश्चिततौर नए छात्रों के लिए ये पैर्टन फायदेमंद है और पुराने छात्रों के लिए पैटर्न नुकसाानदेह क्योंकि उन्हें एक नए सिरे से मुख्य परीक्षा की तैयारी करनी होगी क्योंकि पुराने छात्रों में से ज्यादातर ऐसे हैं जिनकी IAS की उम्र निकल चुकी है।

Tuesday, 9 January 2018

प्रतियोगिता दर्पण जनवरी से दिसंबर 2017 तक की PDF में डाउनलोड करें

NOTE:-अगर आप सरकारी नौकरी से जुड़ी जानकारी से लागातर अपडेट होना चाहते हैं तो नीचे की ओर दिख रहे बेल आईकन को क्लिक कर इसे अलॉउ कर दें। इसके बाद आपको स्टडी मैटेरियल और तैयारी से जुड़े टिप्स अपने आप मिलते रहेंगे। जैसे ही कुछ नया होगा आपको अपने आप सूचना मिल जाएगी।

प्रतियोगी छात्रों के बीच प्रतियोगिता दर्पण मैग्जिन सबसे लोकप्रिय है। सालों नहीं बल्कि दशकों से ये मैग्जिन कंपटिशन की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए तैयारी का बड़ा माध्यम रही है। इस मैग्जिन की सबसे बड़ी खासियत ये है कि एक मैग्जिन में आपको तकरीबन सभी प्रतियोगी परीक्षा से जुड़े स्टडी मैटेरियल मिल जाते हैं।


प्रतियोगी परीक्षा में सफल कैंडिडेट्स का मानना है कि अगर आप पिछले एक साल की प्रतियोगिता दर्पण का गंभीरता पूर्वक अध्ययन  कर लें और अपने खुद के नोट्स बना लें तो प्रतियोगी परीक्षा में करेंट अफेयर्स से जुड़े 95 फीसदी सवाल हल कर सकते हैं। निश्चिततौर पर अगर ये मैग्जिन इतनी महत्वपूर्ण है तो आपके पास इसका सालभर का कलेक्शन होना चाहिए। हमारी सलाह तो ये है कि आप इस मैग्जिन को हर महीने जरूर खरीदें। अगर अकेले खरीदने की क्षमता नहीं तो फिर दो तीन छात्र मिलकर खरीदें और इससे अपना नोट्स बना लें।

लेकिन अगर आपको लग रहा है कि अाप लेट हो गए हैं और आपके पास पुराना कलेक्शन नहीं है तो आप नीचे दिए Link से पिछले साल भर की मैग्जीन (जनवरी 2017 से दिसंबर 2017) तक डाउनलोड कर सकते हैं। और इससे अपना नोट्स बनाकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं। लेकिन एक बार हम फिर सलाह देंगे कि हो सके तो अगर आप इसकी हार्ड कॉपी ही खरीदें। क्योंकि हार्ड कॉपी से ना सिर्फ पढ़ने में सहुलियत होती है बल्कि प्रकाशक भी उसकी लागत मिल जाती है। वर्ना कोई समाज सेवा करने के लिए थोड़े ही मैग्जीन निकाल रहा है।
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Disclaimer:-
प्रस्तुत प्रतियोगिता दर्पण मैग्जिन का PDF लिंक www.bookmynotes.com ने तैयार नहीं किया है। ये Link इंटरनेट पर जगह-जगह उपलब्ध है जिसे सिर्फ एक जगह एकत्रित कर छात्रों की मदद के लिए एक मंच पर पेश किया गया है। अगर किसी को इस पर आपत्ति है तो वो bookmnotes@gmail.com पर मेल कर आपत्ति दर्ज कर सकता है। सही आपत्ति होने पर साइट से इस Link को हटा दिया जाएगा।
धन्यवाद
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Thursday, 21 December 2017

IAS और PCS में सलेक्शन के लिए Notes कैसे बनाएं? प्रैक्टिकल उपाय

नोट्स सफलता का पहला मंत्र है. अगर आपके नोट्स स्तरहीन हैं तो सफलता के चांसेज बहुत कम हो जाते हैं. लेकिन अगर आपके नोट्स स्तरीय हैं तो सफलता के चांसेज बढ़ जाते हैं. तो सवाल ये है कि एक स्तरीय नोट्स कैसे बनाएं? एक अच्छे नोट्स की क्या-क्या खासियत होनी चाहिए? आप नोट्स में ऐसा क्या लिखें जो आपको सफलता की ओर ले चले? आज हम आपको बिन्दुवार कुछ ऐसी गुढ़ बाते बताएंगे जिसे अपनाकर आप अपने नोट्स को स्तरीय बना सकते हैं. लेकिन उससे पहले नोट्स को लेकर कुछ गलत धारणाओं को समझना जरूरी है. तो आइए पहले समझते हैं नोट्स क्या नहीं है?
1-किताबों के अहम बिन्दुओं को सिर्फ कॉपी में नोट करना नोट्स नहीं है.
2-पांच-छह लोगों के नोट्स लेकर उसमें से अहम बातों को छांटना नोट्स नहीं है.
3-पूरी किताब को कॉपी में लिख लेना नोट्स नहीं है.
4-हर बिन्दुओं पर पांच-छह किताबों से प्वाइंट निकालकर लिखना नोट्स नहीं है.
तो सवाल ये है कि नोट्स क्या है? चलिए आपको बताते हैं कि नोट्स क्या है? नोट्स को कैसे बनाना चाहिए? नोट्स बनाते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
दोस्तों किसी भी विषय पर नोट्स बनाने से पहले आपको ये तय करना होगा कि आप किस परीक्षा के लिए नोट्स बना रहे हैं. हम यहां पर आईएएस परीक्षा के लिए नोट्स बनाने की चर्चा कर रहे हैं. तो हम फोकस उसी पर करेंगे. आप बाकि परीक्षाओं के लिए भी इसी मैथेड से नोट्स बना सकते हैं.

मान लीजिए आप आधुनिक इतिहास विषय के लिए नोट्स बना रहे हैं। तो सबसे पहले आपके पास तीन चीज होनी जरूरी है. 
1-आधुनिक इतिहास का सलेबेस.
2-पिछले 10 साल का अनसॉल्व पेपर.
3-इतिहास की एक बेसिक किताब. ये किताब NCERT भी हो सकती है.

अगर आपको स्तरीय नोट्स बनाना है तो सबसे पहले आप आधुनिक इतिहास के सलेबस को कम से कम 2-3 बार पढ़ डालिए. फिर इसके बाद अनसॉल्व पेपर को लीजिए. कोशिश कीजिए अगर ऐसा अनसॉल्व पेपर मिल जाए जिसमें शीर्षक वाइज सवालों को छांटा गया है तो बहुत अच्छा होगा. इसके लिए यूथ प्रकाशन, घटनाचक्र प्रकाशन, अरिहंत प्रकाश से लेकर कई प्रकाशनों का सॉल्व आता है आप उसे भी ले सकते हैं.

इसके बाद आप सलेबस के हिसाब से देखिए कि किस टॉपिक से कितने सवाल पूछे जा रहे हैं? किस तरह के सवाल आ रहे हैं? सवालों की प्रकृति कैसे साल-दर-साल बदल रही है? इसे समझने के बाद आप बेसिक किताब उठाइए और उसे पहली बार में सरसरी निगाह से पढ़ डालिए. चाहे कुछ समझ में आये चाहे ना आए.

इसके बाद आप एक बार फिर सलेबेस देखिए और शीर्षक वाइज सवालों को पढ़िए. आपको समझ में आने लगेगा कि जो सवाल पूछे जा रहे हैं वो किताब में कहां पर हैं. अब फिर से बेसिक बुक पर जाइए और उसका गहन अध्ययन शुरू कीजिए. साथ में मार्कर या फिर हाईलाइट जरूर रखें. जैसे ही आपको लगे कि इस जगह से परीक्षा में सवाल आ रहे हैं उसे मार्क कर लें. इस एक्सर्साइज में थोड़ा वक्त लगेगा. लगने दें. क्योंकि इससे आपका किसी भी विषय पर बेसिक ज्ञान मजबूत होगा. ये आपके मजबूत बुनियाद की पहली ईंट है.

किताब पढ़ने के बाद आप सलेबेस और अनसॉल्व के सवालों को फिर से देखें. आपको अब समझ में आ जाएगा कि सलेबस में बहुत से ऐसे टॉपिक हैं जिससे परीक्षा में बहुत कम सवाल पूछे जाते हैं. और कुछ टॉपिक ऐसे होते हैं जिससे सबसे ज्यादा. अब आपको इन टॉपिको को अलग-अलग छांटकर लिखना है.

अब आप फिर से अपने बेसिक बुक पर जाइए और सवाल के हिसाब से देखिए किस टॉपिक से कितने सवाल आए हैं. जिस टॉपिक से ज्यादा सवाल आएं हैं उसे पहले तैयार कीजिए. सवाल के जवाब ही आपके नोट्स हैं. अब आपको करना ये है कि किसी भी सवाल को आप अलग-अलग तरीके से खुद बनाइए और उसका जवाब बेसिक किताब में ढूढ़िये. जैसे ही जवाब मिले उसे कॉपी में लिख लें. हो सके तो नोट्स में सवाल को भी लिखते चलें. क्योंकि इस टॉपिक से सवाल आ रहे हैं मतलब कमीशन चाहता है कि आपकी इस टॉपिक पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए. और इस टॉपिक से परीक्षा में सवाल आने के चांसेज भी ज्यादा हैं. जो टॉपिक कम महत्वपूर्ण लग रहे हैं उस पर ज्यादा वक्त ना लगाएं. क्योंकि अगर इस टॉपिक से सवाल आएगा तो सिर्फ आप नहीं बाकि प्रतियोगी छात्रों को भी दिक्कत होगी. सफल वही होता है जो कॉमन सवालों को गलत नहीं करता है. विशेष के चक्कर में रहेंगे तो कभी भी सफल नहीं हो पाएंगे.

अब आपको समझ में आएगा कि बहुत से ऐसे सवाल हैं जिसका आपके बेसिक किताब में जवाब नहीं हैं. तब आप दूसरी किताब की मदद लें. ध्यान दें मदद स्तरीय किताब से लें ना कि बाजार में मिलनेवाली किसी गाइड से. और इस बात पर जरूर ध्यान दें कि आपको दूसरी किताब पूरी नहीं पढ़नी हैं. सिर्फ उतना ही पढ़ना है और उसे अपने नोट्स में शामिल करना है जिसका जवाब आपको अपनी बेसिक किताब में नहीं मिला है.

एक बात हमेशा ध्यान में रखें आपके नोट्स में हर टॉपिक के साथ कम से कम 5 पन्ने प्लेन होने चाहिए. क्योंकि जैसे-जैसे आपके पढ़ाई का स्तर बढ़ेगा आपको इस टॉपिक से जुड़े नए-नए फैक्ट मिलेंगे. जैसे ही कोई नया फैक्ट मिले उसे फौरन अपने नोट्स में जोड़ लीजिए. इसलिए सलाह यही दी जाती है कि नोट्स हमेशा A-4 साइज की प्लेन शीट पर बनाएं. क्योंकि जैसे-जैसे कोई फैक्ट आपको मिले आप जरूरत के हिसाब से शीट बढ़ा सकें. अगर आपको इस टॉपिक से जुडा कोई ड्राइग्राम या फिर फीगर मिलता है तो आप उसे सीधा फोटो कॉपी कराकर नोट्स में एड कर लीजिए.

इस छोटी-सी एक्सरसाइज से आप एक स्तरीय नोट्स बना सकते हैं. फिर आपको बेवजह की 10 किताबें पढ़ने की जरूरत नहीं होगी. एक बार मेहनत करके आप एक ऐसा नोट्स तैयार कर लेंगे जो हमेशा आपके काम आएगा. लेकिन हां, एक बात का ध्यान रखें बीच-बीच में आपको अपनी बेसिक किताब को पढ़ते रहना चाहिए. क्योंकि ये अनुभव रहा है कि आप एक ही किताब को जितनी बार पढ़ेंगे आपको नई चीज मिलेगी. आपका कांसेप्ट क्लियर होगा. फालतू की और ज्यादा से ज्यादा किताबों को पढ़ने से बचें। क्योंकि मोर स्टडी, मोर कंफ्यूजन वाली कहावत तो आपको पता ही होगी.

अगर आपको हमारी ये टिप्स पसंद आई तो इसे ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया पर शेयर करें. क्योंकि बहुत-से ऐसे प्रतियोगी छात्र और छात्राएं हैं जो इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि वो नोट्स कैसे बनाएं?  

Friday, 15 December 2017

24 जून 2018 को होगी UP PCS की प्रारंभिक परीक्षा, शुरू कर दें तैयारी

उत्तर प्रदेश PCS परीक्षा की तैयारी करनेवाले स्टूडेंट के लिए गुड न्यूज है। आयोग ने सत्र-2018 के लिए पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा की तारीखों का ऐलान कर दिया है। पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा 24 जून 2018 को होगी। इसके साथ ही आयोग ने पीसीएस 2017 की मुख्य परीक्षा की तारीखों की घोषणा कर दी है। मुख्य परीक्षाएं 17 मार्च 2018 से होगीं।

इस बार आयोग ने परीक्षा का कैलेंडर काफी देर से जारी किया। अमूमन हर साल कैलेंडर सितंबर-अक्टूबर तक आ जाता है। हालाकि देरी का संबंध आयोग में हुई धांधली की सीबीआई जांच की घोषणा से भी हो सकता है। फिलहाल आयोग ने जो कैलेंडर जारी किया है उसे आप नीचे देख सकते हैं।
           
                       
1- अपर निजी सचिव (कंप्यूटर ज्ञान) परीक्षा-2013 की तारीख 11 फरवरी 2018 है
2-प्रवक्ता राजकीय इंटर कॉलेज (स्क्रीनिंग) परीक्षा-2017 की तारीख 25 फरवरी 2018 है
3-सहायक सांख्यिकीय अधिकारी (स्क्रीनिंग) परीक्षा-2014 (वाणिज्य कर विभाग, विज्ञापन संख्या-2/2014-15, विभाग संख्या एस-5/4 की परीक्षा 17 मार्च 2018 को होगी।
4-सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (मुख्य) परीक्षा-2017 की तारीख 17 मार्च 2018 है।
5-समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी आदि (प्रारंभिक) परीक्षा- 2017 की परीक्षा 08 अप्रैल 2018 को होगी।
6-सम्भागीय निरीक्षक परीक्षा-2018 की तारीख 15 अप्रैल 2018 है।
7-सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) पुरूष संवर्ग एवं सहायक अध्यापिका (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) महिला संवर्ग परीक्षा 2018 की तारीख 6 मई 2018 रखी गई है।
8-उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा सिविल जज (जू.डि) प्रारंभिक परीक्षा, 2018 (15 जनवरी 2018 तक अधियाचन प्राप्त होने की स्थिति पर) की तारीख 20 मई 2018 है।
9-सहायतक वन संरक्षक/वन क्षेत्राधिकारी (मुख्य) परीक्षा-2017 की तारीख 20 मई 2018 है।
10-अपर नीजि सचिव परीक्षा 20 2018 की तारीख 10 जून 2018 रखी गई है।
11-सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2018 की परीक्षा 24 जून 2018 रखी गई है।

Thursday, 31 August 2017

UP से जुड़े Current Affairs के सवालों का संकलन, UPPCS परीक्षाओं के लिए रामबाण

दोस्तों यूपी लोक सेवा आयोगी की परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए उत्तर प्रदेश से जुड़े सवाल जरूर तैयार कर लेना चाहिए। क्योंकि प्रदेश से जुड़े करेंट अफेयर्स के सवाल हर परीक्षा में आते हैं। इसी उद्देश्य हम नीचे हाल-फिलहाल में यूपी में घटित उन अहम घटनाओं को प्रश्न और उत्तर के माध्यम से पेश कर रहे हैं जो आमागी परीक्षा में पूछे जा सकते हैं। UP Current Affairs के इन सवालों को आप अच्छी तरह से तैयार कर लीजिए। इसमें से कुछ सवाल आपको जरूर पेपर में मिल सकते हैं। बस मुश्किल से आपको 5 मिनट का वक्त देना है और सभी प्रश्न आपको याद हो जाएंगे। 

प्रश्न-
सीएम योगी की अगुवाई में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में बिजली रोकने के लिए कितने पुलिस स्टेशनों के निर्माण की मंजूरी दी गई?
उत्तर-
कुल 75 थानों की मंजूरी दी गई

प्रश्न-
बिजली चोरी रोकने के लिए यूपी सरकार ने जो टोल फ्री नंबर जारी किया है वो क्या है?
उत्तर-
टोल फ्री नंबर है-- 1912

प्रश्न-
यूपी सरकार द्वारा बिजली चोरी करने के लिए चलाई गई योजना का नाम क्या है?
उत्तर-
योजना का नाम है-- सर्वदा योजना

प्रश्न-
बिजली बिल के भारी भुगतान को जमा नहीं करनेवालों के लिए किस योजना की शुरुआत की गई है?
उत्तर-
नेम एंड शेम योजना के तहत डिफाल्टर उपभोक्ताओं के नाम सार्वजनिक होंगे

प्रश्न-
आओ अंग्रेजी सीखें कार्यक्रम क्या है?
उत्तर-
यूपी के करीब 45 हजार उच्च प्राथमिक और 746 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में छात्रों को रेडियो के माध्यम से अंग्रेजी सीखाने का कार्यक्रम।

प्रश्न-
योगी सरकार ने देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे बनाने की घोषणा की है। ये एक्सप्रेस-वे कहां से कहां तक जाएगा?
उत्तर-
लखनऊ से गाजीपुर के बीच 353 किलोमीटर का एक्सप्रेस-वे बनेगा। इसे अगले 3 साल में बनाया जाएगा।

प्रश्न-
योगी सरकार ने 2017-18 के लिए कितने रूपए का बजट पेश किया है?
उत्तर-
3 लाख 84 हजार 659 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया।

प्रश्न-
यूपी बजट में लोक मल्हार और सावन झूला के लिए विशेष आयोजन का प्रावधान है? ये मेले कहां पर आयोजित होंगे?
उत्तर-
लोक मल्हार-- गोरखपुर
सावन झूला-- अयोध्या

प्रश्न-
यूपी में हालही में हुई खोदाई में पुरातत्व विभाग को कहां पर हड़प्पाकालीन पुरावशेष मिले हैं?
उत्तर-
यूपी के सहारनपुर के सकतपुर में हड़प्पा की तरह की बड़ी सभ्यता के अवशेष मिले हैं। खुदाई में यहां पर 4 हजार साल से पुराने बर्तन भी मिले हैं।

प्रश्न-
यूपी के तीन और शहरों को स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल किया गया है? वो तीन शहर कौन से हैं?
उत्तर-
झांसी, अलीगढ़ और इलाहाबाद को हाल ही में शामिल किया गया। इससे पहले लखनऊ, वाराणसी, कानपुर और आगरा इस सूची में शामिल हो चुके हैं। इस तरह कुल 7 शहर स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल हो चुके हैं।

प्रश्न-
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं?
उत्तर-
1-प्रत्येक नागरिक को किफायती घर
2-प्रत्येक तरह की आधारभूत सुविधाएं
3-24 घंटे पानी और बिजली की आपूर्ति
4-शिक्षा के लिए पर्याप्त विकल्प
5-सुरक्षा की आधुनिक सुविधा
6-मनोरंजन और खेल-कूद के साधन
7-अच्छे स्कूल और अस्पताल
8-आस-पास के क्षेत्रों में अच्छी और तेज कनेक्टिविटी की सुविधाएं

प्रश्न-
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे कहां से कहां तक बनेगा?
उत्तर-
बलिया से लखनऊ तक। कुल लंबाई-354 किलोमीटर। योजना के तहत अयोध्या को भी पूर्वांचल एक्सप्रेस से जोड़ा जाएगा।

प्रश्न-
सीएम योगी ने 25 मई 2017 को कुशीनगर में किस बीमारी से निपटने के लिए टीककरण अभियान की शुरुआत की?
उत्तर-
इंसेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) से निपटने के लिए 38 जिलों में अभियान चलाया गया।

प्रश्न-
यूपी सरकार का 'नो बैग डे' क्या है?
उत्तर-
राज्य के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में बच्चों को शनिवार को स्कूल बैग नहीं लाने का फैसला लिया गया है।

प्रश्न-
किन दो शहरों में नगर निगम बनाने का फैसला लिया गया है?
उत्तर-
अयोध्या और मथुरा। अभी तक ये दोनों शहर नगर पालिका के अंतर्गत आते थे। अब फैजाबाद और अयोध्या को मिलाकर एक नगर निगम और मथुरा और वृंदावन को मिलाकर दूसरा नगर निगम बनाया जाएगा।

प्रश्न-
प्रदेश स्थापना दिवस किस दिन मानने का फैसला योगी कैबिननेट ने लिया है?
उत्तर-24 जनवरी को

प्रश्न-
'भाग्यलक्ष्मी योजना' क्या है?
उत्तर-
गरीब परिवार में बेटी के जन्म होते ही उसके नाम से 50 हजार रूपए का बॉन्ड राज्य सरकार द्वारा प्रदान किया जाएगा। इस योजना के तहत मां को भी 5100 रूपए की धनराशि प्रदान की जाएगी।

Monday, 28 August 2017

IAS, PCS और SSC के लिए कोचिंग के नोट्स यहां से DOWNLOAD करें

दोस्तों आपकी मदद के लिए हम यहां पर कई मशहूर कोचिंग के नोट्स पीडीएफ (Coaching Notes in PDF) फॉर्म में दे रहे हैं। आपको जिस भी नोट्स की जरूर है आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके उसे डाउनलोड कर सकते हैं। जैसे अगर आपको Vision IAS कोचिंग का नोट्स डाउनलोड करना है तो आप उस लिंक पर सिर्फ क्लिक कीजिए आप सीधे पीडीएफ नोट्स के लिंक पर पहुंच जाएंगे। अापको कोई कंफ्यूजन ना हो इसलिए हमने डाउनलोड लिंक को पीले कलर से हाइलाइट भी कर लिया है। यहां से आपको जो भी नोट्स चाहिए उसे डाउनलोड कर लीजिए।

FOR FREE DOWNLOAD NOTES, CLICK BELOW LINKS...
(फ्री में नोट्स प्राप्त करने के लिए नीचे दिए लिंक्स पर क्लिक करें)

VISION IAS MAINS NOTES PDF FILES

SRIRAM IAS PRELIM AND MAINS NOTES

VISION IAS PRELIM 2018 TEST SERIES

VISION IAS MAINS 2017 TEST SERIES

INSIGHT IAS PRELIM 2018 TEST SERIES

INSIGHTS IAS MAINS 2017 TEST SERIES

दोस्तों आपसे गुजारिश है कि सिर्फ इन नोट्स को डाउनलोड ही ना करें बल्कि पढ़ें भी। और अगर संभव हो तो इन्हें पढ़कर संक्षिप्त में अपने खुद के नोट्स भी बना लें। क्योंकि डिजिटल युग में किसी भी परीक्षा के लिए मैटेरियल की कमी नहीं है लेकिन उस मैटेरियल को यूज कैसे करें ये बहुत कम लोगों को आता है। लिहाजा उम्मीद है कि आप ना सिर्फ नोट्स को डाउनलोड करेंगे बल्कि इसमें से काम की चीज भी निकालेंगे। 

Sunday, 27 August 2017

भूगोल के इन तथ्यों को जरूर तैयार कर लें, परीक्षा में आने की पूरी संभावना है

भारत के भूगोल से हर परीक्षा में सवाल आने तय हैं। अनुभवी लोगों का मानना है कुछ सवाल ऐसे होते हैं जिनके पूछे जाने का प्रतिशत बहुत ज्यादा होता  है। आप किसी भी परीक्षा के प्रश्नपत्रों को देखें। आपको भूगोल से जुड़े ये सवाल जरूर मिल जाएंगे। ऐसे ही कुछ सवालों से जुड़े Facts हम नीचे दे रहे  हैं। इसे तैयार कर लें। इससे जुड़े सवाल आपको परीक्षा में जरूर मिलेंगे।

भारत का भौगोलिक विस्तार

विस्तार- 
6 डिग्री 4 मिनट से 37 डिग्री 6 मिनट उत्तरी अक्षांश तथा 67 डिग्री 7 मिनट से 97 डिग्री 25 मिनट पूर्वी देशांतर

मानक समयः 82-1/2° देशांतर रेखा (82°30' पूर्वी देशांतर रेखा को) पूर्वी देशांतर (इलाहाबाद के नैनी से)

मानक समय रेखा पर स्थित राज्यः 
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडीसा और आंध्र प्रदेश

कर्क रेखा पर स्थित राज्यः (कुल-8)-
गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा एवं मिजोरम

स्थलीय सीमाः- 15200 किलोमीटर

तटीय सीमाः- 6100 किलोमीटर

तटीय सीमा (द्वीपों सहित):- 7516.6 किलोमीटर

भारत की कुल सीमाः- 22716.6 किलोमीटर

पड़ोसी देशों की सीमा का घटता क्रमः- 
बांग्लादेश (सर्वाधिक)> चीन> पाकिस्तान> नेपाल> म्यांमार> भूटान> अफगानिस्तान

देश की चतुर्दिक सीमा अंतिम बिन्दुः-
दक्षिणतम बिन्दु- इंदिरा प्वाइंट
उत्तरतम बिन्दु- इंदिरा कॉल
पश्चिमतम- गोरमोता (गुजरात)
पूर्वोत्तम- किबिथु (अरूणांचल प्रदेश)

प्रमुख चैनल/जलडमरूमध्यः-

ग्रेट चैनल- इंदिरा प्वाइंट- इंडोनेशिया
10 डिग्री चैनल- लघु अण्डमान- कार निकोबार
9 डिग्री चैनलः- मिनिकॉय- लक्षद्वीप
8 डिग्री चैनल:- मालदीप-मिनिकॉय
मरकत द्वीप- अण्डमान निकोबार द्वीप समूह
आदम ब्रिज- तमिलनाडु एवं श्रीलंका के मध्य
रामेश्वरम्- पम्बन द्वीप पर स्थित
पाण्डिचेरी/पुदुचेरीः- पुदुचेरी, कराइकल (तमिलनाडु में स्थित), यनम (आंध्र प्रदेश), माहे (केरल)

भू-आवेष्ठित प्रदेश/राज्य
1-मध्यप्रदेश
2-छत्तीसगढ़
3-हरियाणा
4-झारखंड
5-तेलंगाना

अन्तर्राष्ट्रीय सीमा बनाने वाले कुल राज्य-17
भारत का क्षेत्रफल विश्व के क्षेत्रफल का 2.42% हिस्सा है
क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का विश्व में स्थान- 7 वां 

भारत का प्राकृतिक विभाग-
1-मैदानी--------------- 43%
2-पठारी क्षेत्र----------- 27.7%
3-पहाड़ी क्षेत्र------------ 18.6%
4-पर्वतीय क्षेत्र---------- 10.7%

भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमाएं-

डूरण्ड रेखा-----------पाकिस्तान व अफगानिस्थान के बीच
मैकमोहन रेखा-------भारत व चीन के बीच
रेडक्लिफ रेखा-------भारत व पाकिस्तान के बीच
शून्य रेखा (Zero Line):- त्रिपुरा व बांग्लादेश के बीच

देश एवं सीमा पर स्थित राज्यः-
1-बांग्लादेश- पं बंगाल, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, असम
2-चीन- जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश
3-पाकिस्तान- गुजरात, राजस्थान, पंजाब, जम्मू-कश्मीर
4-नेपाल- उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, उत्तराखंड
5-म्यांमार- अरुणाचल प्रदेश, नागालैण्ड, मिजोरम, मणिपुर
6-भूटान- पं बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम
7-अफगानिस्तान- जम्मू एवं कश्मीर (पाक् अधिकृत)

भारत के राज्य क्षेत्रफल के अनुसार (घटते क्रम में)-
राजस्थान> मध्य प्रदेश> महाराष्ट्र> उत्तर प्रदेश

डंकन पास---- दक्षिण अण्डमान एवं लघु अंडमान के मध्य
कोको स्ट्रेट--- यह कोको द्वीप व अण्डमान के मध्य

Friday, 2 June 2017

IAS और PCS 2017 के लिए VISION IAS कोचिंग का पूरा नोट्स यहां से डाउनलोड करें

IAS और PCS की तैयारी अगर आप कर रहे हैं तो आपके लिए हम नीचे VISION IAS कोचिंग के नोट्स डाउनलोड  करने का लिंक दे रहे हैं। आप अपने जरुरत के हिसाब से लिंक पर CLICK करके नोट्स डाउनलोड कर सकते हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि VISION IAS कोचिंग का नोट्स बाकि कोचिंगों के मुकाबले काफी बेहतरीन हैं। पिछले कुछ सालों में इस कोचिंग ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। VISION IAS कोचिंग की टेस्ट सीरिज बहुत ज्यादा सफल हुई है। पिछली टॉपर टीना डाबी ने VISION IAS कोचिंग में ना सिर्फ टेस्ट सीरिज ज्वाइन किया था बल्कि उन्होंने यहां के मैटेरियल का भी इस्तेमाल किया था।

तो आप भी VISION IAS कोचिंग का नोट्स फटाफट डाउनलोड कर लें। इस नोट्स की खूबी ये है कि इसे समझाने के अंदाज में लिखा गया है। मसलन, कोई घटना अगर हुई तो उसका क्या असर होगा और IAS में इस घटना से जुड़े सवाल क्यों बनेंगे?

FOR DOWNLOAD VISION IAS NOTES CLICK BELOW LINK.

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