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Thursday, 31 August 2017

UP से जुड़े Current Affairs के सवालों का संकलन, UPPCS परीक्षाओं के लिए रामबाण

दोस्तों यूपी लोक सेवा आयोगी की परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए उत्तर प्रदेश से जुड़े सवाल जरूर तैयार कर लेना चाहिए। क्योंकि प्रदेश से जुड़े करेंट अफेयर्स के सवाल हर परीक्षा में आते हैं। इसी उद्देश्य हम नीचे हाल-फिलहाल में यूपी में घटित उन अहम घटनाओं को प्रश्न और उत्तर के माध्यम से पेश कर रहे हैं जो आमागी परीक्षा में पूछे जा सकते हैं। UP Current Affairs के इन सवालों को आप अच्छी तरह से तैयार कर लीजिए। इसमें से कुछ सवाल आपको जरूर पेपर में मिल सकते हैं। बस मुश्किल से आपको 5 मिनट का वक्त देना है और सभी प्रश्न आपको याद हो जाएंगे। 

प्रश्न-
सीएम योगी की अगुवाई में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में बिजली रोकने के लिए कितने पुलिस स्टेशनों के निर्माण की मंजूरी दी गई?
उत्तर-
कुल 75 थानों की मंजूरी दी गई

प्रश्न-
बिजली चोरी रोकने के लिए यूपी सरकार ने जो टोल फ्री नंबर जारी किया है वो क्या है?
उत्तर-
टोल फ्री नंबर है-- 1912

प्रश्न-
यूपी सरकार द्वारा बिजली चोरी करने के लिए चलाई गई योजना का नाम क्या है?
उत्तर-
योजना का नाम है-- सर्वदा योजना

प्रश्न-
बिजली बिल के भारी भुगतान को जमा नहीं करनेवालों के लिए किस योजना की शुरुआत की गई है?
उत्तर-
नेम एंड शेम योजना के तहत डिफाल्टर उपभोक्ताओं के नाम सार्वजनिक होंगे

प्रश्न-
आओ अंग्रेजी सीखें कार्यक्रम क्या है?
उत्तर-
यूपी के करीब 45 हजार उच्च प्राथमिक और 746 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में छात्रों को रेडियो के माध्यम से अंग्रेजी सीखाने का कार्यक्रम।

प्रश्न-
योगी सरकार ने देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे बनाने की घोषणा की है। ये एक्सप्रेस-वे कहां से कहां तक जाएगा?
उत्तर-
लखनऊ से गाजीपुर के बीच 353 किलोमीटर का एक्सप्रेस-वे बनेगा। इसे अगले 3 साल में बनाया जाएगा।

प्रश्न-
योगी सरकार ने 2017-18 के लिए कितने रूपए का बजट पेश किया है?
उत्तर-
3 लाख 84 हजार 659 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया।

प्रश्न-
यूपी बजट में लोक मल्हार और सावन झूला के लिए विशेष आयोजन का प्रावधान है? ये मेले कहां पर आयोजित होंगे?
उत्तर-
लोक मल्हार-- गोरखपुर
सावन झूला-- अयोध्या

प्रश्न-
यूपी में हालही में हुई खोदाई में पुरातत्व विभाग को कहां पर हड़प्पाकालीन पुरावशेष मिले हैं?
उत्तर-
यूपी के सहारनपुर के सकतपुर में हड़प्पा की तरह की बड़ी सभ्यता के अवशेष मिले हैं। खुदाई में यहां पर 4 हजार साल से पुराने बर्तन भी मिले हैं।

प्रश्न-
यूपी के तीन और शहरों को स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल किया गया है? वो तीन शहर कौन से हैं?
उत्तर-
झांसी, अलीगढ़ और इलाहाबाद को हाल ही में शामिल किया गया। इससे पहले लखनऊ, वाराणसी, कानपुर और आगरा इस सूची में शामिल हो चुके हैं। इस तरह कुल 7 शहर स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल हो चुके हैं।

प्रश्न-
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं?
उत्तर-
1-प्रत्येक नागरिक को किफायती घर
2-प्रत्येक तरह की आधारभूत सुविधाएं
3-24 घंटे पानी और बिजली की आपूर्ति
4-शिक्षा के लिए पर्याप्त विकल्प
5-सुरक्षा की आधुनिक सुविधा
6-मनोरंजन और खेल-कूद के साधन
7-अच्छे स्कूल और अस्पताल
8-आस-पास के क्षेत्रों में अच्छी और तेज कनेक्टिविटी की सुविधाएं

प्रश्न-
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे कहां से कहां तक बनेगा?
उत्तर-
बलिया से लखनऊ तक। कुल लंबाई-354 किलोमीटर। योजना के तहत अयोध्या को भी पूर्वांचल एक्सप्रेस से जोड़ा जाएगा।

प्रश्न-
सीएम योगी ने 25 मई 2017 को कुशीनगर में किस बीमारी से निपटने के लिए टीककरण अभियान की शुरुआत की?
उत्तर-
इंसेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) से निपटने के लिए 38 जिलों में अभियान चलाया गया।

प्रश्न-
यूपी सरकार का 'नो बैग डे' क्या है?
उत्तर-
राज्य के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में बच्चों को शनिवार को स्कूल बैग नहीं लाने का फैसला लिया गया है।

प्रश्न-
किन दो शहरों में नगर निगम बनाने का फैसला लिया गया है?
उत्तर-
अयोध्या और मथुरा। अभी तक ये दोनों शहर नगर पालिका के अंतर्गत आते थे। अब फैजाबाद और अयोध्या को मिलाकर एक नगर निगम और मथुरा और वृंदावन को मिलाकर दूसरा नगर निगम बनाया जाएगा।

प्रश्न-
प्रदेश स्थापना दिवस किस दिन मानने का फैसला योगी कैबिननेट ने लिया है?
उत्तर-24 जनवरी को

प्रश्न-
'भाग्यलक्ष्मी योजना' क्या है?
उत्तर-
गरीब परिवार में बेटी के जन्म होते ही उसके नाम से 50 हजार रूपए का बॉन्ड राज्य सरकार द्वारा प्रदान किया जाएगा। इस योजना के तहत मां को भी 5100 रूपए की धनराशि प्रदान की जाएगी।

Thursday, 1 June 2017

IAS TOPPER नंदिनी की सफलता की पूरी कहानी

देश को एक बार फिर नया आईएएस टॉपर (IAS TOPPER) मिल गया है। इस बार इस टॉपर का नाम है नंदिनी केआर (Nandini KR, IAS TOPPER 2017)। ऐसा नहीं है कि नंदनी ने पहले प्रयास में UPSC में सफलता हासिल की है। इससे पहले वो 2014 में IRS के लिए सलेक्ट हुईं थीं। अभी वो फरीदाबाद के राष्ट्रीय सीमा-शुल्क, उत्पादन शुल्क व नारकोटिक्स अकादमी ( National Academy of Customs, Excise and Narcotics in Faridabad) में ट्रेनिंग ले रही हैं। अपने चौथे प्रयास में नंदिनी ने वो मुकाम हासिल किया जिसके सपने तो सभी देखते हैं लेकिन पहुंचता साल में सिर्फ एक है। 2016 में दिल्ली की टीना डाबी ने ये मुकाम हासिल किया था। 2015 में दिल्ली की दिव्यांग इरा सिंघल टॉपर बनीं थीं। जबकि 2014 में राजस्थान के गौरव अग्रवाल ने इस परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया था।

नंदिनी मूलरूप से दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक के कोलार की रहनेवाली है। वहीं कोलार जो सोने की खान के लिए मशहूर है। 15 SEPTEMBER 1990 (27 साल) को पैदा हुई नंदिनी ने कोलार जिले से ही शिक्षा दीक्षा ली। उनके पिता रमेश सरकारी स्कूल में हाईस्कूल के टीचर हैं और मां गृहणी। नंदनी अति पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखती हैं। सबसे खास बात ये है कि नंदिनी की बचपन की पढ़ाई कन्नड़ भाषा में हुई। लेकिन उन्होंने अपनी स्कूलिंग St. Joseph Convent Girls High School से पूरी की। नंदिनी ने कन्नड साहित्य से आईएएस परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया।  16 साल पहले कर्नाटक की रहनेवाली विजयलक्ष्मी बिदारी (Vijayalakshi Bidari) ने भी कन्नड साहित्य से IAS में पहली रैंक हासिल की थी।

नंदिनी की सफलता एक आम छात्र की सफलता है। वो कोई बचपन से टॉपर नहीं रहीं। लेकिन वक्त के साथ उन्होंने पढ़ाई पर ध्यान दिया। अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने बैंग्लुरू के prestigious M S Ramaiya Engineering College से Civil Engineering में B. Tech किया। इसके बाद कुछ दिनों तक उन्होंने कर्नाटक के PWD विभाग में सरकारी इंजीनियर की नौकरी की लेकिन उन्हें ये नौकरी रास नहीं आई। क्योंकि बचपन से ही उन्होंने सपना कुछ और करने का देखा था। वो सपना था IAS बनने का।

IAS की परीक्षा में नंदिनी को पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली। साल 2014 के दूसरे प्रयास में उनकी रैंकिंग 849 थीं। वो IRS (Customs and Central Excise) के लिए चुनी गईं। सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने दिल्ली की Vajiram and Ravi कोचिंग को ज्वाइन किया था। नंदिनी के मुताबिक कड़ी मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही उनकी सफलता का राज है। वो अपने माता-पिता को आपना आदर्श मानती हैं। नंदिनी का सपना है कि वो महिलाओं को सशक्त बनाने में अपना योगदान दे।  

NOTE:-अगर आपको आईएएस टॉपर नंदिनी की कहनी पसंद आई तो ज्यादा से ज्यादा संख्या में फेसबुक शेयर का बटन टबाएं।

Sunday, 12 February 2017

IAS बनना है तो कुछ आदतें बदल लें, जानें क्या हैं वो आदतें.

IAS PREPARATION TIPS FOR BEGINNERS IN HINDI

IAS हिन्दुस्तान ही नहीं दुनिया की सबसे कठिन परीक्षा है. लिहाजा इसे पास करने के लिए पूरी Planning के साथ तैयारी की जरुत है. समझने की जरुरत ये है कि Planning कैसे बनाएं? सबसे पहले दुनिया की इस सबसे कठिन परीक्षा को परीक्षा ना मानकर एक Game समझें.

जिस तरह से किसी भी Game को खेलने से पहले उसके Rules को जानना और समझना बेहद जरुरी ठीक उसी तरह से IAS की तैयारी से पहले उसके सभी Rules को जानना और उसे अच्छी तरह से समझना बहुत जरुरी है.
IAS topper Tina dabi tips

सोचिए अगर Cricket के Game में कोई Batsman बिना Cricket के Rules & Regulation को पूरी तरह से समझे मैदान में उतर जाए तो उसका क्या होगा? अगर वो ये जानता ही नहीं कि पैड पर बॉल लगने पर भी वो ऑउट हो सकता है तो उसके आउट होने के चांसेज बढ़ जाएंगे. और आउट होने के बाद वो यहीं कहेगा कि अंपायर ने बेइमानी की है. ठीक वैसे ही जैसे असफल होने के बाद तमाम छात्र कहते हैं कि UPSC Commission ने बेईमानी की है. खासतौस से हिन्दी मीडियम के छात्रों के जुबान पर तो ये शब्द चढ़ चुका है कि कमीशन हिन्दी मीडियम वालों के साथ भेदभाव करता है.

तैयारी की रणनीति समझने से पहले एक छोटे से सवाल का जवाब दीजिए. आप में से कितने ऐसे हैं जो IAS का Notification और Form भरने से पहले अच्छी तरह से पूरा पढ़ते हैं. जवाब आप खुद जानते हैं. हकीकत यहीं है कि 100 में से सिर्फ 3 लोग यानी 3% छात्र इसे इत्मीनान से पढ़कर IAS Form भरते हैं. और मजेदार बात तो है कि सफल होनेवालों का प्रतिशत इससे भी कम है. और जब से IAS का Form Online भरने की व्यवस्था हुई है तब से पूछिए ना. कई जनाब तो ऐसे हैं जिनका फॉर्म ही दूसरे भरते हैं. है ना मजेदार. जो खुद फॉर्म नहीं भर सकते वो खुद एक्जाम कैसे पास करेंगे?
ias topper tips in hindi

एक बात गांठ बांध लीजिए अगर IAS बनना है तो किसी भी Rules and Regulation को ध्यान से पढ़ने और उसे समझने की आदत आज से ही डाल लीजिए क्योंकि एक IAS अपनी पूरी जिंदगी में या तो Rules and Regulation को Follow करता है या फिर Rules and Regulation बनाता है. इससे अलग उसके पास कोई काम नहीं होता. यकीन नहीं हो रहा है, लेकिन सच यहीं है.

अच्छा बताइए आपके जिले का जिलाधिकारी (District Magistrate) क्या करता है? किसी विभाग का सचिव क्या करता है? प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव क्या करते हैं? सीधा जवाब है या तो वो नियम बनाते हैं या फिर नियम को लागू करते या कराते हैं.

समझे कुछ आप. यानी अगर आपको IAS बनना है तो अभी से कुछ आदतें डालनी होगीं. सबसे पहली आदत है-

1-किसी भी काम को करने के लिए Rules बनाना और उसे Follow करना-

छोटा-सा उदाहरण लीजिए. अगर आप Time Table (टाइम टेबल) से पढ़ने की प्लानिंग कर रहे हैं तो पहले टाइम टेबल बनाइए फिर उसे अमल में लाइए. अगर आप इसमें Fail हैं तो निश्चितौर से आप में वो गुण नहीं है जो एक IAS में होने चाहिए? क्योंकि कल जब आपको अपने जिले में Rules लागू करने होगें तो आप उसमें भी Fail होंगे. क्योंकि ये आपका स्वभाव है. और स्वभाव को बदलना बहुत मुश्किल होता है. जैसे-कुत्ते की पूछ सालों लोहे की नली में डाल दो लेकिन वो सीधी नहीं होती. 

2-हर बात पर किसी से भी सलाह मश्विरा करना:-

ये मानव स्वभाव है कि किसी भी काम को करने से पहले इंसान उसके हर पहलू के बारे में सोचता है. नफे-नुकसान के बारे में समझता है. ठीक इसी तरह से तैयारी से पहले तमाम छात्र इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि उन्हें तैयारी करनी चाहिए या नहीं? तैयारी को लेकर उनका फैसला सही है या नहीं? वो जिस कोचिंग को करने की सोच रहे हैं वो सही या फिर नहीं? तमाम तरह के ऐसे सवाल हैं जिसके लिए वो ऐरे-गैरे से लेकर नत्थु-खैरे तक से सलाह लेते हैं. 

अच्छा बताइए कि अगर आपको अमेरिका जाना है तो आप किसे सलाह लेंगे. उससे जो अमेरिका जा चुका है? उससे जो कनाडा तक सिर्फ गया है? उससे जो सिर्फ किताबों में पढ़कर अमेरिका जाने का अहसास कर चुका है? या फिर उससे जो अमेरिका गए अपने दोस्तों से जानकारी लेकर लंबी-लंबी डींगे हाकता है. निश्चिततौर पर उससे जानकारी लेना फायदेमंद है जो अमेरिका जा चुका है. क्योंकि वो आपको सफर में आनेवाली दिक्कतों का प्रैक्टिल और सटीक जवाब दे सकता है. तो अगर आपको सलाह लेना है तो सफल लोगों से ही लें क्योंकि वो आपको तैयारी में आनेवाली हर परेशानियों को सही और प्रैक्टिकल जवाब दे सकते हैं.

3-दूसरों के नोट्स के पीछे भागना बंद कीजिए, चाहे वो IAS में सफल ही क्यों ना हो चुका हो-


ये बताइए कि 4 फीट के इंसान को 7 फीट के इंसान का जूता फिट हो सकता है क्या? इंसान तो दोनों ही हैं. निश्चिततौर पर नहीं. लेकिन 4 फीट का इंसान 7 फीट का जूता पैर में डालकर और 7 फीट का इंसान 4 फीट के इंसान के जूते की नाप के आधार पर ये जान सकता है कि उसे किस नंबर का जूता फिट बैठ सकता है. ठीक इसी तरह से दूसरे के नोट्स को लेकर उसी से पढ़ेंगे तो नतीजा क्या होगा बताने की जरुरत नहीं? हां इतना कर सकते हैं कि दूसरे के नोट्स देखकर आप ये अंदाजा लगा सकते हैं कि आप अपने नोट्स कैसे बनाएं? क्योंकि नोट्स में हर छात्र वही बात लिखता है जो उसे पता नहीं होता. 

जैसे किसी के नोट्स में अगर लिखा है कि नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बनने से पहले एक राज्य के मुख्यमंत्री थे? इसका मतलब ये है कि जिस भी छात्र ने ये नोट्स बनाया है उसे ये पहले से पता है कि नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे? लेकिन अब एक नया छात्र आता है उसे वहीं नोट्स पढ़ने को मिलता है और वो ये नहीं जानता कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने से पहले गुजारत में तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके थे तो आधा तथ्य याद करेगा? और जब परीक्षा में ये सवाल आएगा कि नरेद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने से पहले कहां के मुख्यमंत्री थे तो निश्चिततौर पर या तो वो सवाल गलत करेगा या फिर तुक्का मारेगा? आपको समझाने के लिए हमने ये आसान सवाल लिया, लेकिन जब यहीं सवाल अकबर से लेकर शिवाजी तक के बारे में आयेगा तब आपाके दिमाग की बत्ती घूम जाएगी. 

तो अगर सफल होना है तो आदत बदलिए, दूसरे के नोट्स लीजिए उसे एक बार पूरा पढ़िए और फिर रद्दी की टोकरी में फेंककर अपने खुद के नोट्स बनाइए. नहीं तो कमीशन आपको रद्दी की टोकरी में फेंकने से गुरेज नहीं करेगा.vijay agrawal 
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Friday, 23 September 2016

IAS की परीक्षा में कौन लोग असफल होते हैं और कौन सफल?

दोस्तों, सिविल सर्विसेज परीक्षाओं की तैयारी का मूल मंत्र है हौसला. दुनिया का बड़े से बड़ा खिलाड़ी अगर हौसला हार जाए तो उसकी हार तय हैं. सवाल ये उठता है कि ये हौसला मिलेगा कैसे? एक प्रैक्टिकल बात आपको बताता हूं. तैयारी करनेवाला हर उम्मीदवार शुरु में बेहद उत्साहित होता है. उसे लगता है कि वो पहली बार में ही तंबू गाड़ देगा. पूरा सेलेबस चाट डालेगा. एक नई इबारत लिखेगा. वगैरह-वगैरह. लेकिन तैयारी के शुरुआती महीनों में ही उसका हौसला टूटने लगता है. इस हौसले को बनाए रखने का काम करते हैं प्रेरणादायी लोग और प्रेरणाप्रद लेख...

ये लेख ना सिर्फ छात्रों को बूस्ट करते हैं बल्कि उन्हें लक्ष्य तक पहुंचने की एनर्जी भी देते हैं. जब भी छात्र हौसला हारता है तो ये लेख और प्रेरणादायी लोग उन्हें उत्साहित करते हैं. यही काम कोचिंग सेंटर करते हैं. जो लोग कोचिंग कर चुके हैं उन्हें अच्छी तरह से पता है कि क्लास में टीचर अगर 60 मिनट पढ़ाता है तो कम से कम 30 मिनट छात्रों को अपनी कहानी या फिर सफल लोगों की कहानी सुनाता है. उनका मकसद साफ है. वो जानते हैं कि कोचिंग पढ़ने से किसी का सेलेक्शन नहीं होता है, सेलेक्शन तब होता है जब छात्र में लगातार सालभर पढ़ने का हौसला बना रहे. आपके हौसले को बनाए रखने के लिए नीचे हम शिवा ठाकुर शिवा सर का प्रेरणाप्रद आलेख दे रहे हैं. इस आलेख को पढ़कर आपको नई एनर्जी मिलेगी. ये लेख शिवा सर ने अपनी फेसबुक वॉल पर पोस्ट किया है. साभार ये लेख हम पेश कर रहे हैं.

छोटी-सी अपील-
शिवा सर की मेहनत को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाए. नीचे फेसबुक शेयर के बटन को दबाएं...

Thursday, 22 September 2016

IAS/PCS में सेलेक्ट होना है तो ये कहानी जरुर पढ़ें, बदल जाएगी जिंदगी.

एक राज्य में एक रिवाज था. राज्य  में राजा की नियुक्ति सिर्फ पांच साल के लिए ही होती थी. राजा के गद्दी संभालने के पांच साल बाद नए राजा का चुनाव होता था. पुराने राजा को राज्य की नदी के उस पार जंगल में भेज दिया जाता. नए राजा का दिल से स्वागत-सत्कार किया जाता और दूसरे को जंगल में विदा कर दिया जाता. पुराना राजा जंगल में दो-चार दिन डरा-डरा सा, सहमा हुआ घूमता. बाद में किसी जंगली जानवर का शिकार हो जाता.

PCS बनना है तो ऐसे बनाएं रणनीति, सफलता चूमेंगी कदम


दोस्तों, पिछले लेख में हमने आपको बताया था कि UPPCS परीक्षा में क्यों किसी छात्र का सेलेक्शन नहीं होता है? वो दो कौन सी वजहें जो किसी भी छात्र के सेलेक्शन में सबसे बड़ी बाधक हैं. अब जब आपने अपनी कमी जान ली है तो अब आपको सही रणनीति बनाने की जरुर है. आपकी ये मदद भावना जी अपने आलेख में कर रही हैं. हम उनका ये लेख हू-ब-हू नीचे पोस्ट कर रहे हैं.

सेलेक्शन के लिए सिर्फ पढ़ें नहीं, ऐसे बनाए रणनीति?

दोस्तों, सिविल सर्विसेज की तैयारी हर कोई करना चाहता है. लेकिन सिर्फ तैयारी ही अगर इस परीक्षा में सलेक्शन का मापदंड होता तो शायद ज्यादातर छात्र सेलेक्ट हो जाते. तो फिर सवाल उठता है कि सिविल सर्विसेज में सफल होेने के लिए क्या मापदंड होता है? सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी की शुरुआत कैसे करें? क्या पढ़ें? कितना पढ़ें? कितने घंटे पढ़ें?...

Wednesday, 21 September 2016

अगर मुख्य परीक्षा (Mains Exam) में आपको नहीं मिलता नंबर तो जरुर पढ़े ये लेख

दोस्तों, डायरी लेखन कला विलुप्त-सी हो गई है. लेकिन ये वो कला है जो आपका व्यक्तित्व निखारती है. आपके व्यक्तित्व में चार चांद लगाती है. डायरी लेखन से ना सिर्फ आपके विचार खिलते हैं बल्कि आपकी लेखन शैली भी सुधरती है. अगर आप सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे हैं तो इस कला को आत्मसात कर लीजिए. क्योंकि ऐसा कहा जाता है.

जो लिखता है,
वो दिखता है,

जो दिखता है, 
वो बिकता है...

यहां आप बिकता का मतलब सेलेक्सन से लगा सकते हैं. मैं ऐसे दर्जनों लोगों को जानता हूं जो प्रारंभिक परीक्षा के मास्टर होते हैं. लेकिन जब मुख्य परीक्षा की बात आती है तो उनके पसीने छूटने लगते हैं. अगर आप भी लिखने से डरते हैं तो इस डर को दूर भगाइये...

Sunday, 11 September 2016

IAS/PCS की तैयारी कर रहे हैं तो यह लेख जरुर पढ़ें




दोस्तों हमारी कोशिश है कि हम आपको फ्री में बेहतरीन गाइडेंस और प्रमाणिक नोट्स उपलब्ध कराएं. इसके लिए हम लगातार कोशिश कर रहे हैं. आप भी इस बात को अच्छी तरह से जानते होंगे कि सफल वही होता है जो रणनीति बनाकर आगे बढ़ता है. सिविल सर्विसेज (IAS/PCS) का  किला फतह करना चाहते हैं तो  कुछ खास बातों को ध्यान रखना होगा. ये वहीं खास बातें हैं जो सफलता के लिए सबसे बड़ी बाधा है. इन्हीं बातों को शिवा ठाकुर शिवा जी ने अपनी फेसबुक वॉल पर पोस्ट किया है. 

हम उनकी वॉल से इस पोस्ट को साभार लेकर आपके सामने पेश कर रहे हैं. क्योंकि शिवा जी का ये पोस्ट पढ़ने के बाद आपको कई सवालों के उत्तर मिल जाएंगे? क्या महंगी कोचिंग करने से कोई आईएएस  बनता है? क्या कोचिंग किसी को आईएएस बना सकती हैं? कोचिंग करने से पहले किन बातों का ध्यान रखें. वगैरह-वगैरह.

छोटी-सी अपील-

एक PCS अफसर का नोट्स पढ़कर जानिए, आखिर क्यों कोई सफल होता है?






दोस्तों, PCS मुख्य परीक्षा की तारीखें चंद कदमों पर हैं. आपकी तैयारी अपने मुकाम पर होगी. उम्मीद है आप का रिजल्ट इस बार पॉजिटिव रहेगा. जो अभ्यार्थी मिशन-2017 के लिए जुटे हैं वो भी व्यापक रणनीति के सााथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे होंगे.

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